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Member Photo JE CHERCHE UNE BONNE RELATION Bonjour
C'est avec un immense plaisir de faire votre connaissance.
Je me présente je m'appelle Marina esprit ouvert, attentionné',
affectueux, doux et compréhensif.
J'aimerai nouer une relation sérieuse en vue pour Mariage baser sur la compréhension, la tendresse,la complicité, la sensualité partager et l'amour. Je voudrais unir mon rêve au tiens.

Ecrivez moi sur mon Whatsapp : +33 6 44 67 50 02

J'attend avec impatience vos réponses
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Burgundy > Paray | 23 September 2020
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Member Photo CERCO COMPAGNA Cerco ragazza per matrimonio ancora vergine mia email giuseppe.cantalupo55@gmai l.it o Giuseppe.cantalupo@tiscal i.it [Login to Translate]

Basilicata > Forenza | 15 March 2020
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Member Photo PARAŠYK MAN SMS TEL +37061278390 esu dailininke, vieniša, megstu meną, sportą, keliones, esu draugiška, nuoširdi, ieškau rimto gyvenimo draugo, laukiu laiškų [Login to Translate]

Kaunas > Kaunas Petrasiunas | 7 February 2020
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Member Photo PYE I am so delighted to be here. To make friends around the world, different races and different colours of people. I have an online TV, I need volunteers to be writers.

Lagos > Lagos | 30 January 2020
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रात्रि कहानी *🌑🦚🌳 रात्रि कहानी🌳🦚🌑*

*💐" क्योंकि आज वो घर पर है !!! "*💐

घर जाने के लिए निकला। अशांत और विचलित मन लिए सब्जी मंडी पहुँचा कुछ सब्जियाँ खरीदीं।

आज कुछ देर हो गई थी तो घर पहुँचकर खिचड़ी अथवा मैगी बना लेने का विचार चल रहा था। पिछले सप्ताह के एक भी कपड़े धुले नहीं थे अतः 5-6 दिन से एक ही जीन्स को रगड़ रहा था।

एक हाथ से काँधे पर लटके बैग को सम्हालता और दूसरे हाथ में दूध की थैली पकड़े पसीने से तरबतर चेहरा लिए घर पहुँचा। द्वार का ताला खोलना चाहा तो देखा, पल्ले भर भिड़के हुए थे, ताला खुला था। कुछ चिंतित हुआ।

जैसे ही घर में प्रवेश किया तो यूँ लगा मानो स्वर्ग में आ गया हूँ। शंका हुई कि, किसी दूसरे के घर में तो नहीं आ गया ? खामोशी से अंदर के कमरे में गया। फ्रीज खोला तो भीतर की ठंडक चेहरे से टकराई। कोने में अचार रखा हुआ था। मैथी की भाजी बारीक और व्यवस्थित कतरी हुई करीने से रखी थी। सुबह तो फ्रीज में एक ठो बिस्किट पैकेट रखने की जगह नहीं थी, सारा फ्रीज भरा पड़ा था और अब देखो, साफ सुथरी जगह ही जगह थी। धीरे से साथ लाई हुई सब्जियाँ भी फ्रीज में ही रख दीं।

कोने में रखी पानी की टंकी, जिसने हफ्ते भर से पानी का मुँह नहीं देखा था अब, पूरी भरी हुई चमक रही थी। तभी ध्यान गया कि पीछे पीछे अगरबत्ती की खुशबू भी चली आ रही थी, मन को आनंदित कर रही थी।

अपना बैग एक कुर्सी पर पटका तो याद आया कि, सुबह अपना टॉवेल बिस्तर पर ही छोड़ दिया था, देखा तो वहाँ न होकर वह खिड़की के बाहर तार पर लटका सूख रहा था। अलमारी का पल्ला खोला जिसमें बिना धुले कपड़े थे लेकिन अब सारे ही धुले, इस्त्री किए व्यवस्थित रखे थे।

सुबह एक रुमाल मिलकर नहीं दे रहा था और अब, अंदर साफसुथरे रुमाल पर रुमाल की गड्डी रखी हुई थी। सुबह सॉक्स की जोड़ी नहीं मिली तो अलग अलग डिजाइन के मोजे पहनकर निकल गया था लेकिन अब सारे सॉक्स एक स्थान पर उपस्थित पड़े मुझे देख मुस्कुरा रहे थे। लाल, पीली, नीली शर्ट्स बढ़िया हैंगर पर टंगी हुई थीं।

धीरे से टीवी के सामने बैठा, टीवी जिसपर धूल की परतें जम गई थीं अब चमक रहा था और स्क्रीन पर चित्र भी स्पष्ट दिख रहे थे। प्यास लगी तो पानी पीने किचिन में पहुँचा, जिस किचिन में लहसुन, प्याज और न जाने किस किस किस्म की गंध भरी रहती थी, अब भूख जगा देने वाले भोजन की सुगंध से महक रहा था।

भावनाओं में बहता, बाहर आकर टीवी के सामने एक चेयर पर बैठ गया और अपनी आँखें बंद कर लीं और सोचने लगा। फिर आँखें खोलकर अपनी ही बाँह पर चिमटी ली कि, कहीं ये सब स्वप्न तो नहीं। तभी गरमागरम पकौड़ों की प्लेट और भाप निकलती चाय किसी ने सामने टेबल पर रख दी। भीतर का अहम जैसे जर्रा जर्रा होकर बिखर गया। जब थककर आता था तो जैसे तैसे दही चावल पर गुजारा कर लिया करता था और आज भाप निकलती स्वादिष्ट चाय और गरम पकौड़ों का आनंद ले रहा था। न चाहते हुए भी आँसू की दो बूंदें आँखों से निकलकर गालों पर बह निकलीं। फिर खुद को सम्हाला तो अहसास हुआ.....

*" क्योंकि आज वो घर पर है !!! "*

*संसार के सारे सुख और समृद्धि की प्रदाता वो...*
*किसी के लिए माँ,*
*किसी की पत्नी,*
*किसी की बहन,*
*तो*
*किसी के लिए बेटी है।*

*आप कितने ही बड़े हों, महान हों लेकिन सुखमय जीवन के लिए किसी न किसी रूप में एक स्त्री आपके जीवन में अतिआवश्यक है।*

*वो किसी भी रूप में हो मगर, घर को घर वही बनाती है।*



*मित्रों, आप भी अपने जीवन की प्राथमिकताओं पर ध्यान देते हुए जीवन के लक्ष्य हासिल करें ।*



*सदैव प्रसन्न रहिये!!* 😊
*जो प्राप्त है-पर्याप्त है!!*
🙏🙏🙏🙏😴🌝🙏🙏🙏🙏


Uttar Pradesh > Bhadohi | 20 December 2019
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Member Photo ايام آه يا ليلي أيام و أيام و أيام
يوم شوق ويوم غيره ويوم خوف وعذاب
يوم ليل ونار وحيره ويوم لوم وعتاب
و يوم بهنا ويوم بعنا ويوم بغياب وعذاب وسراب
و أيام تروح روح ابعد روح
روح ابعد روح يا حبيبي حبك باقي
اجرح مسموح روح روح
بنسى جروحي و تبقى أشواقي
و زيد بُعدك زيده يا بو خطوه بعيده
قلبي شاري و روحي عنيده
طول ما انت يا حبيبي ساكن في الروح
حبيبي أشوفك في ليلي أشوفك
في صمتي أشوفك نجوم و كلام
و أعيشك أماني حروف و معاني
دروب و مواني و رحله غرام
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Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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Member Photo اجمل مافي الوجود اجمل ما في الوجود كلمة تدخل الى قلبك بدون استذان فتمس شغاف روحك بكل حنين وتحرك فيك خواطر وذكريات وربما تشتم منها عبق الحبيب ولحظات تتمنى لو ان الوقت يعود لكي تحياها من جديد . كلمات الاغاني تستفيق معاها كل الذكريات الجملية فربما تذكرك بموقف او شخص بعيد سمعت معه هذه الاغنية وتتلذذت بكلماتها وربما انت مازلت تعيش هذه اللحظة الان حيث تاخذ من كلمات الاغاني احلى حروفها هدية ومن جميل لحانها تصنع ذكرى . وربما ترسلها لاقرب الناس اليك فتنعش يومه وتصنع فرحته وتبني لك حصن في قلبه ... كل هذا واكثر تصنعه الكلمة [Login to Translate]

Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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Member Photo قيل لأحدهم قيل لأحدهم …
كيف تعرف من يحبك قال الذي أقتربت منه خطوه اقترب مني خطوتين
واذا ابتعدت عنه غاضبا داني مني مسترضين
واذا غبت عنه رغم عني بحث عني حتي وجدني
واذا أخطأت عاتبني ولم يفارقني
واذا اخطأ واجهني ولم يهرب مني ويقبل عزري مبتسما
الذي يشعربلنقص من دوني ولو ملك كل شئ ويشتاق الي ولو كان حوله الف حي
الذي يعاملني وكأنهوا يراني لاول مره ويحافظ علي وكأنني الوحيد في العالم
الذي لا يختلف معي بلنهايات ويحبني كل يوم مثل البدايات …
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Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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Member Photo عجبت عجبت من أمر ذلك الحب .... قلب ينادي قلب ... وقلب يتجاهل ذاك الحب ...
وقلب تعود على الجفاااء ... وقلب أحب بصدق ووفااااء
وقلب اماته الخداع ... وقلب هوى وعشق وفي الحياة ضاع ... وقلب عاش ومات على الوفاء
و من قسوة القلوووب اتعبته الحياة
و من الاشواق عندما نعشق في حب مستحيل
و عندما نظل نحلم بعودة من هو عنيد
و عندما تمر منا أيام العمر وتموت فيها الاحاسيس.ً...عجبت لك ايتها الحياة.
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Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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Member Photo خيرك لغيري أنا بليت بحبكم من هبالي
والا انت ظل مالنا فيه منزال
خيرك لغيري والشقا والعنا لي
والمشكل اني عارف كل الاحوال

ارمي بروحي في بحرك الزلالي
وترميني أمواجك على يابس الجال
اسال افراشي كيف اقضي الليالي
بالليل لي حالٍ ومعكم لي احوال ..
من خوفي الشمات يشمت بحالي
ويكثر علي من العذل القيل والقال
انت السبب ولعتني يا غزالي
وفتحت لي دنيا جديدة بالآمال ..

نصيت ربٍ عالمٍ ماجرى لي
ما حط دون الخلق حاجب ومرسال
منحني السلوان عالي الجلالي
قصر علي الليل من عقب ماطال ..
واليوم ترسلي وتبدي الوفا لي
تبديلي اعذارٍ قصيرات وطوال
تردني في حالي اللي مضى لي
ترضي غرورك بس يا حسن الآقبال ..
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Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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