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FONDS DE SOLIDARITÉ POUR LA RIPOSTE À LA COVID-19 A votre attention,
Le monde est confronté à un défi sans précédent, les communautés et les économies dans le monde entier étant touchées par la pandémie croissante de COVID-19. Le monde se mobilise pour lutter contre la pandémie de COVID-19 en rassemblant des gouvernements, des organisations de tous les secteurs et industries, ainsi que des particuliers pour contribuer aux efforts de riposte face à cette flambée mondiale. L’élan de solidarité et de soutien au niveau mondial suscité par ce défi commun a été phénoménal.Ceci étant je voudrais passer par votre canal pour faire une œuvre de charité anonyme dans votre département. Je suis née le 25 Avril 1940 à la clinique de la brequigny à Rennes .C'est une donation en quelque sorte et elle s'élève à la somme de 777.000€. Ma situation matrimoniale est telle que je n'ai ni homme et encore moins d'enfants à qui je pourrais léguer cet héritage ,et je souffre présentement d'une maladie potentiellement mortelle ,une esthésioneuroblastome ,maladie orpheline et incurable ,qui se développe dans la cavité nasale et qui déforme cruellement le visage je suis donc condamné à une mort certaine. C'est pour cela que je voudrais de manière gracieuse et dans le souci d'aider les enfants démunis vous donner ce dit héritage pour réaliser cette oeuvre de charité .Si vous êtes d'accord je voudrais avoir les informations suivantes :

Votre nom complet , Vos contact ; Un numéro de téléphone si possible;

Je compte sur votre bonne volonté et aussi le bon usage de ces fonds pour cette œuvre .
Cordialement
Mme Flucki Verena
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Ile-de-France > Paris | 11 February 2021
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WHAT'S YOUR AIM HERE ? WHY AREN'T YOU ONLINE? WHY ARE YOU LONELY? COME AND DANCE WITH ME! When You're Lonely and Lost your mind goes Blank and you can't think of what to Do ()
you don't have to worry Anymore I got You covered () Visit us today we've got You covered in this Platform and outside this platform for ye companionship. We dance 🤟 We Rap ✊ we colab and maketh it fun for everyone
Now what's your move ??
Don't worry about the language just link up
https://youtu.be/4nOZMwp8 ZWc


Lagos > Lekki | 18 January 2021
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مرحبا انا شاب مصري انا هنا من اجل التعارف علي علاقه حب طويله الامد ولا يفرق معي العمر انا فقط ابحث عن الروح اللطيفه الذي سوف تعيش معي انا رجل طيب القلب حنون احب السفر والرقص واحب الخير اذاكنت تبدحث عن علاقه حب فانت هنا في المكان المناسب اذا ارت التواصل معي عبر سكايب يمكنك ان تبحث عن علي هذها الرقم +201225985458 [Login to Translate]

Dubayy > Dubai | 2 January 2021
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Member Photo GLOBAL WARMING m/ [Login to Translate]

Lazio > Roma | 1 January 2021
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Member Photo JE CHERCHE UNE BONNE RELATION Bonjour
C'est avec un immense plaisir de faire votre connaissance.
Je me présente je m'appelle Marina esprit ouvert, attentionné',
affectueux, doux et compréhensif.
J'aimerai nouer une relation sérieuse en vue pour Mariage baser sur la compréhension, la tendresse,la complicité, la sensualité partager et l'amour. Je voudrais unir mon rêve au tiens.

Ecrivez moi sur mon Whatsapp : +33 6 44 67 50 02

J'attend avec impatience vos réponses
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Burgundy > Paray | 23 September 2020
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Member Photo CERCO COMPAGNA Cerco ragazza per matrimonio ancora vergine mia email giuseppe.cantalupo55@gmai l.it o Giuseppe.cantalupo@tiscal i.it [Login to Translate]

Basilicata > Forenza | 15 March 2020
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Member Photo PARAŠYK MAN SMS TEL +37061278390 esu dailininke, vieniša, megstu meną, sportą, keliones, esu draugiška, nuoširdi, ieškau rimto gyvenimo draugo, laukiu laiškų [Login to Translate]

Kaunas > Kaunas Petrasiunas | 7 February 2020
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Member Photo PYE I am so delighted to be here. To make friends around the world, different races and different colours of people. I have an online TV, I need volunteers to be writers.

Lagos > Lagos | 30 January 2020
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रात्रि कहानी *🌑🦚🌳 रात्रि कहानी🌳🦚🌑*

*💐" क्योंकि आज वो घर पर है !!! "*💐

घर जाने के लिए निकला। अशांत और विचलित मन लिए सब्जी मंडी पहुँचा कुछ सब्जियाँ खरीदीं।

आज कुछ देर हो गई थी तो घर पहुँचकर खिचड़ी अथवा मैगी बना लेने का विचार चल रहा था। पिछले सप्ताह के एक भी कपड़े धुले नहीं थे अतः 5-6 दिन से एक ही जीन्स को रगड़ रहा था।

एक हाथ से काँधे पर लटके बैग को सम्हालता और दूसरे हाथ में दूध की थैली पकड़े पसीने से तरबतर चेहरा लिए घर पहुँचा। द्वार का ताला खोलना चाहा तो देखा, पल्ले भर भिड़के हुए थे, ताला खुला था। कुछ चिंतित हुआ।

जैसे ही घर में प्रवेश किया तो यूँ लगा मानो स्वर्ग में आ गया हूँ। शंका हुई कि, किसी दूसरे के घर में तो नहीं आ गया ? खामोशी से अंदर के कमरे में गया। फ्रीज खोला तो भीतर की ठंडक चेहरे से टकराई। कोने में अचार रखा हुआ था। मैथी की भाजी बारीक और व्यवस्थित कतरी हुई करीने से रखी थी। सुबह तो फ्रीज में एक ठो बिस्किट पैकेट रखने की जगह नहीं थी, सारा फ्रीज भरा पड़ा था और अब देखो, साफ सुथरी जगह ही जगह थी। धीरे से साथ लाई हुई सब्जियाँ भी फ्रीज में ही रख दीं।

कोने में रखी पानी की टंकी, जिसने हफ्ते भर से पानी का मुँह नहीं देखा था अब, पूरी भरी हुई चमक रही थी। तभी ध्यान गया कि पीछे पीछे अगरबत्ती की खुशबू भी चली आ रही थी, मन को आनंदित कर रही थी।

अपना बैग एक कुर्सी पर पटका तो याद आया कि, सुबह अपना टॉवेल बिस्तर पर ही छोड़ दिया था, देखा तो वहाँ न होकर वह खिड़की के बाहर तार पर लटका सूख रहा था। अलमारी का पल्ला खोला जिसमें बिना धुले कपड़े थे लेकिन अब सारे ही धुले, इस्त्री किए व्यवस्थित रखे थे।

सुबह एक रुमाल मिलकर नहीं दे रहा था और अब, अंदर साफसुथरे रुमाल पर रुमाल की गड्डी रखी हुई थी। सुबह सॉक्स की जोड़ी नहीं मिली तो अलग अलग डिजाइन के मोजे पहनकर निकल गया था लेकिन अब सारे सॉक्स एक स्थान पर उपस्थित पड़े मुझे देख मुस्कुरा रहे थे। लाल, पीली, नीली शर्ट्स बढ़िया हैंगर पर टंगी हुई थीं।

धीरे से टीवी के सामने बैठा, टीवी जिसपर धूल की परतें जम गई थीं अब चमक रहा था और स्क्रीन पर चित्र भी स्पष्ट दिख रहे थे। प्यास लगी तो पानी पीने किचिन में पहुँचा, जिस किचिन में लहसुन, प्याज और न जाने किस किस किस्म की गंध भरी रहती थी, अब भूख जगा देने वाले भोजन की सुगंध से महक रहा था।

भावनाओं में बहता, बाहर आकर टीवी के सामने एक चेयर पर बैठ गया और अपनी आँखें बंद कर लीं और सोचने लगा। फिर आँखें खोलकर अपनी ही बाँह पर चिमटी ली कि, कहीं ये सब स्वप्न तो नहीं। तभी गरमागरम पकौड़ों की प्लेट और भाप निकलती चाय किसी ने सामने टेबल पर रख दी। भीतर का अहम जैसे जर्रा जर्रा होकर बिखर गया। जब थककर आता था तो जैसे तैसे दही चावल पर गुजारा कर लिया करता था और आज भाप निकलती स्वादिष्ट चाय और गरम पकौड़ों का आनंद ले रहा था। न चाहते हुए भी आँसू की दो बूंदें आँखों से निकलकर गालों पर बह निकलीं। फिर खुद को सम्हाला तो अहसास हुआ.....

*" क्योंकि आज वो घर पर है !!! "*

*संसार के सारे सुख और समृद्धि की प्रदाता वो...*
*किसी के लिए माँ,*
*किसी की पत्नी,*
*किसी की बहन,*
*तो*
*किसी के लिए बेटी है।*

*आप कितने ही बड़े हों, महान हों लेकिन सुखमय जीवन के लिए किसी न किसी रूप में एक स्त्री आपके जीवन में अतिआवश्यक है।*

*वो किसी भी रूप में हो मगर, घर को घर वही बनाती है।*



*मित्रों, आप भी अपने जीवन की प्राथमिकताओं पर ध्यान देते हुए जीवन के लक्ष्य हासिल करें ।*



*सदैव प्रसन्न रहिये!!* 😊
*जो प्राप्त है-पर्याप्त है!!*
🙏🙏🙏🙏😴🌝🙏🙏🙏🙏


Uttar Pradesh > Bhadohi | 20 December 2019
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Member Photo ايام آه يا ليلي أيام و أيام و أيام
يوم شوق ويوم غيره ويوم خوف وعذاب
يوم ليل ونار وحيره ويوم لوم وعتاب
و يوم بهنا ويوم بعنا ويوم بغياب وعذاب وسراب
و أيام تروح روح ابعد روح
روح ابعد روح يا حبيبي حبك باقي
اجرح مسموح روح روح
بنسى جروحي و تبقى أشواقي
و زيد بُعدك زيده يا بو خطوه بعيده
قلبي شاري و روحي عنيده
طول ما انت يا حبيبي ساكن في الروح
حبيبي أشوفك في ليلي أشوفك
في صمتي أشوفك نجوم و كلام
و أعيشك أماني حروف و معاني
دروب و مواني و رحله غرام
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Baghdad > Baghdad | 23 October 2019
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